नारी: भारत की गरिमा
तप, त्याग और शक्ति का पावन संगम है नारी,
भारत की संस्कृति की गौरवमयी पहचान है नारी।
सृष्टि का आधार, स्नेह की अविरल धारा है,
इस भारत देश का चमकता हुआ सितारा है।
कभी गार्गी की विद्वत्ता, कभी झांसी की तलवार है,
कभी अहिल्या का धैर्य, तो कभी ममता का सार है।
संस्कारों की जननी बनकर, घर को स्वर्ग बनाती है,
अपनी त्याग की अग्नि से, वह भविष्य को सजाती है।
आँचल में भरे अमृत की धार, नयनों में विश्वास है,
हर क्षेत्र में लहराती परचम, सफलता का आकाश है।
सिर्फ कोमलता ही नहीं, वह रणचंडी का रूप भी है,
कठोर बाधाओं के सम्मुख, सुनहरी धूप भी है।
नमन है उस जननी को, जिसने वीरों को पाला है,
जिसके त्याग ने इस धरा पर, फैलाया उजियारा है।
जब तक सुरक्षित है नारी, तब तक सुरक्षित है देश,
यही है भारत की संस्कृति, यही पावन संदेश।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!
- संतोष पांडेय
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