अलविदा " बर्फी "...
तुफानी मौसम था । सुबह से लगातार जोरों से वर्षा हो रही थी I मानो वर्षा बंद होने का नाम ही नहीं ले रही हो I उस समय, मैं सह परिवार अपने गाँव वाले घर पर था I इसी बीच, मुझे एक गिलहरी के चिल्लाने की आवाज आने लगी I पहले तो मुझे लगा की ये तो आम बात है, लेकिन फिर वो आवाज घर के बाहर स्थित नाली से आने लगी I मैं झट से छाता लेकर देखने गया की आखिर बात क्या है I तो मैंने देखा की गिलहरी का एक छोटा सा शिशु नाली में पड़ा भीग रहा है I ठीक उसी समय, टिंकल भैय्या आ गए और उसे अपने छत पर ले गए I उसे बिस्कुट और दूध भी दिया I फिर, वहां से बिना देरी किए मैं तुरंत उसे अपने घर ले आया I थंडी के मारे वो काप रही थी I लगभग उसका पूरा बदन भीग चुका था I मैंने तुरंत एक सूखे कपडे मे उसे रख दिया I रुई से उसके शरीर को पोछा I उसे गरम जगह पर रखा। भाभी से मैं एक उन का मोजा मांग लाया, ताकि उसे थंडी ना लगे I उसके लिए एक बक्से में उसका घर बनाया I लेकिन फिर भी उसकी हालत इतनी खराब थी की मुझे समझ नहीं आ रहा था क्या करु I अब तक उसकी आंखे भी खुली नहीं थी I मैंने इंटरनेट के माध्यम से कुछ जानकारियां हासिल की l जानकारियों के हिसाब से उसकी...