...भैयाजी प्रणाम !

घर में शादी ब्याह का माहौल था I चारो ओर उत्साह का वातावरण था I तिलक का समय हो चुका था I दुल्हनवाले भी आ चुके थे I मैं भी रस्मों को देखने के लिए छह पर खड़ा था I

इसी बीच पायल की झंझनाहट करती हुई एक लड़की वहां आ पहुंची I गोरा-सा मुखडा, कान में बाली और घाघरा में एकदम हूर की परी लग रही थी I मानो, बालवीर सिरियल की परी हकीकत में प्रकट हो गई हो I इसी बीच चाचाजी आ गए और बोले - " बेटा ! नीचे तुम्हारी चाची की भतीजी आई है, उसे अपने साथ ऊपर ले आओ I " मैं खुश होकर झट से नीचे गया, और उससे कहा की चाचाजी ने ऊपर बुलाया है I जैसे ही मेरा बोलना खत्म हुआ, उसने झट से मुझसे कहा, " आप तो वो पूना वाले भैयाजी है ना ! प्रणाम स्वीकार कीजिए I" ये सुनने के बाद मन ही मन मैं बोल पड़ा की मैं पूना वाला भैया के साथ चुना वाला भैया भी हु I जब देखो तब उपरवाला मुझे चुना ही लगाता है I

~ संतोष पांडेय ✍

Comments

Popular posts from this blog

When Men Are Not Allowed to Break 💔

"Dear Self, I will win, I promise!"

"When Men Break Down: The Untold Struggles Behind the Silence, the Outburst, and the Blame"