लिंबु-टींबू प्रयास...
... वैसे वो तो मानने से रही I उसे बस मेरे साथ दोस्ती का सुदृढ़ रिश्ता बनाए रखना था I शादी या प्रेम में उसकी कोई रुची नही थी I एकदम झल्ली सी है वो I अक्कल से भी पैदल ही है वो...
एक दिन बातों ही बातों में मैंने उससे उसकी बहन के बारे मे पूछा I तो वो कहने लगी की - " ती आजुन लहान आहे रे, पांडेय ! " तो मैंने कहा - " कसली लहान ग बाई ? इंस्टाग्राम स्टेटस बघून तर मला असं वाटत नाही I " फिर वो बोली की वैसे भी उसकी बहन तो उससे भी सुंदर है I मैंने भी कहा की फिर एक प्रयास करने में हर्ज ही क्या है ? उसने भी कहा की हाँ करले प्रयास , लेकिन तेरेसे कुछ नहीं होगा । मैंने कहा देखते है I
सबसे अधिक कमाल की बात ये थी कि इसके सारे घरवाले मुझे जानते है I उसकी छोटी बहन भी मुझे इंस्टाग्राम पर फॉलो करती है I तो मैंने भी सोचा की कुछ तो हो ही सकता है I इंस्टाग्राम संदेश के सहारे मैंने धीरे धीरे इस सिलसिले को आगे बढ़ाया।
कुछ दिनों बाद उसकी आत्या के सहारे मुझे उसके जन्मदिन का पता चला I मैंने भी सोचा की यही सही मौका है उसे इम्प्रेस करने का I रात के ठीक बारह बजे मैंने उसे उसके जन्मदिन पर संदेश के सहारे बधाइ दी और फिर उसके जवाब का इन्तेज़ार करने लगा I कुछ ही समय बाद उसका स्नेह भरा जवाब आया - " थँक्स दादा ! "
एक दिन बातों ही बातों में मैंने उससे उसकी बहन के बारे मे पूछा I तो वो कहने लगी की - " ती आजुन लहान आहे रे, पांडेय ! " तो मैंने कहा - " कसली लहान ग बाई ? इंस्टाग्राम स्टेटस बघून तर मला असं वाटत नाही I " फिर वो बोली की वैसे भी उसकी बहन तो उससे भी सुंदर है I मैंने भी कहा की फिर एक प्रयास करने में हर्ज ही क्या है ? उसने भी कहा की हाँ करले प्रयास , लेकिन तेरेसे कुछ नहीं होगा । मैंने कहा देखते है I
सबसे अधिक कमाल की बात ये थी कि इसके सारे घरवाले मुझे जानते है I उसकी छोटी बहन भी मुझे इंस्टाग्राम पर फॉलो करती है I तो मैंने भी सोचा की कुछ तो हो ही सकता है I इंस्टाग्राम संदेश के सहारे मैंने धीरे धीरे इस सिलसिले को आगे बढ़ाया।
कुछ दिनों बाद उसकी आत्या के सहारे मुझे उसके जन्मदिन का पता चला I मैंने भी सोचा की यही सही मौका है उसे इम्प्रेस करने का I रात के ठीक बारह बजे मैंने उसे उसके जन्मदिन पर संदेश के सहारे बधाइ दी और फिर उसके जवाब का इन्तेज़ार करने लगा I कुछ ही समय बाद उसका स्नेह भरा जवाब आया - " थँक्स दादा ! "
फिर क्या था, मैंने एक गाना लगाया -
" टूटा टूटा एक परिंदा ऐसे टूटा,
के फिर जुड़ ना पाया...
लूटा लूटा किसने उसको ऐसे लूटा,
के फिर उड़ ना पाया...
गिरता हुआ वो आसमां से,
आकर गिरा ज़मीन पर ...
ख्वाबों में फिर भी बादल ही थे
वो कहता रहा मगर...
के अल्लाह के बन्दे हंस दे... अल्लाह के बन्दे...
जो भी हो कल फिर आएगा !!! "
... और मस्त सो गया I
- संतोष पांडेय ✍
" टूटा टूटा एक परिंदा ऐसे टूटा,
के फिर जुड़ ना पाया...
लूटा लूटा किसने उसको ऐसे लूटा,
के फिर उड़ ना पाया...
गिरता हुआ वो आसमां से,
आकर गिरा ज़मीन पर ...
ख्वाबों में फिर भी बादल ही थे
वो कहता रहा मगर...
के अल्लाह के बन्दे हंस दे... अल्लाह के बन्दे...
जो भी हो कल फिर आएगा !!! "
... और मस्त सो गया I
- संतोष पांडेय ✍
Use headphones.. ����https://youtu.be/8HnIa0gbQas
ReplyDeleteअगली बार दादा बोले तो बोलना, के अपनी सम्पत्ती का आधा हिस्सा मेरे नाम कर दे बहना 😂
ReplyDeleteदेवा... उचल ह्याला ������
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