गुरु - एक ज्ञानरूपी वृक्ष !
गुरु - एक ज्ञानरूपी वृक्ष !
ठीक उसी प्रकार , हमारे जीवन में भी गुरु का महत्व वृक्ष की जड़ों की तरह है I शिक्षक ही विद्यार्थी को सही ज्ञान की राह दिखाकर एक कुशल व्यक्ति बनाते है I हालाकि अन्य लोगों को सिर्फ हमारी कुशलता दिखती है , लेकिन उसके पीछे गुरु का अतुलनीय योगदान होता है l इसलिए हमने अपने जड़त्व को कभी भूलना नहीं चाहिए I गुरु कोई भी हो सकता है - जैसे माता, पिता, स्वयं, बंधू, मित्र, निसर्ग, अनुभव, प्राणी, इंसान, तकनीकी, पुस्तक , इत्यादी।
- संतोष पांडेय✍
Comments
Post a Comment