मजदूर हूं या मजबूर हूं ?

मजदूर हूं या मजबूर हूं ?

घर बनाकर भी बेघर क्यू !
फसल उगाकर भी भूखे क्यू !!
मजदूर हूं या मजबूर हूं ?

चप्पल बनाकर भी पैर जले क्यू !
कपड़े बनाकर भी वस्त्र फटे क्यू !!
मजदूर हूं या मजबूर हूं ?

कचरा हटाकर भी कचरावला क्यू !
बर्तन बनाकर भी थाली हमारे टूटे क्यू !!
मजदूर हूं या मजबूर हूं ?

अख़बार बेचकर भी खबरों से दूर क्यू !
पसीना बहाकर भी पैसों से दूर क्यू !!
मजदूर हूं या मजबूर हूं ?

अधिकार होकर भी शिक्षा से वंचित क्यू !
परिवार होकर भी उनसे दूर क्यू !!
मजदूर हूं या मजबूर हूं ?

- संतोष पांडेय ✍

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